Friday, 10 May 2013

छोटी सी मुलाकात .....!!!



बादल...

सुनो !
क्या देख रहे हो
यूँ हसो न हम पर
जानते हो न ..... फिर भी
बस
यु न सताओ ...
समेट लो हमे अपनी शीतल बूंदों के घेरे में
बर्फ की तरह जिसमें पिघल जाएँ हम
और समां जाएँ तुम्ही में इन बूंदों की तरह .............


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